Friday, May 8, 2015

फुटपाथ पर ज़िंदगी / अशोक लव

सड़कों पर रौंदे गए उन लोगों के लिए, जिन्होंने इस संसार से विदा ले ली ओर वे जो सदा के लिए अपाहिज हो गए.
उनके हिस्से आ गए, सड़कों के फुटपाथ, 
जैसे-जैसे  जी  रहे,  मौत वहीं  है  साथ .
@अशोक लव

Tuesday, April 28, 2015

Delhi Poetry Circle: कविता पाठ करते कवि-कवयित्रियाँ

अशोक लव : अध्यक्षता और कविता पाठ
डॉ भावना शुक्ला 'प्राची ' पत्रिका भेंट करते हुए


डॉ संतोष बंसल, नीना सहर, डॉ भावना शुक्ला

प्रेम बिहारी मिश्रा : कविता पाठ और संचालन

Delhi Poetry Circle Kavya-Goshthee on 26th April 2015












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Wednesday, March 25, 2015

Friday, March 20, 2015

Ashok Lav's Poem on World Sparrow Day


World Poetry Day: Poet Ashok Lav recites his poem

विश्व कविता दिवस 21 मार्च के अवसर पर रेडियो द्वारका द्वारा किए आयोजन में कवि अशोक लव ने ' कविता सूरज है ' कविता का पाठ किया. इस लिंक पर क्लिक करके इसे सुना जा सकता है-
 http://www.radiodwarka.com/chat-show/21-tareekh-21-kavi--dr-ashok-lav/3007

Sunday, October 26, 2014

अशोक लव की लघुकथा 'घंटिया ' :Ashok Lav



लघुकथा : घंटियाँ
 ० अशोक लव
वह नास्तिक था. उसके विचार क्रांतिकारी थे. अम्मां के माला फेरने और बापू के दुर्गा-चालीसा पढ़ने पर उसे घोर आपत्ति थी.
उसकी नौकरी लग गई. उसके साहब प्रत्येक मंगल मंदिर जाते थे. वह भी प्रत्येक मंगल साहब के साथ मंदिर जाने लगा.
अवसरवादी व्यवस्था में उसके क्रांतिकारी विचार मंदिर की घंटियाँ बजाने लगे.