Friday, May 8, 2015
Tuesday, April 28, 2015
Wednesday, March 25, 2015
Friday, March 20, 2015
World Poetry Day: Poet Ashok Lav recites his poem
विश्व कविता दिवस 21 मार्च के अवसर पर रेडियो द्वारका द्वारा किए आयोजन में कवि अशोक लव ने ' कविता सूरज है ' कविता का पाठ किया. इस लिंक पर क्लिक करके इसे सुना जा सकता है-
http://www.radiodwarka.com/ chat-show/21-tareekh-21-kavi-- dr-ashok-lav/3007
http://www.radiodwarka.com/
Sunday, October 26, 2014
अशोक लव की लघुकथा 'घंटिया ' :Ashok Lav
लघुकथा : घंटियाँ
० अशोक लव
वह नास्तिक था. उसके
विचार क्रांतिकारी थे. अम्मां के माला फेरने और बापू के दुर्गा-चालीसा पढ़ने पर उसे
घोर आपत्ति थी.
उसकी नौकरी लग गई.
उसके साहब प्रत्येक मंगल मंदिर जाते थे. वह भी प्रत्येक मंगल साहब के साथ मंदिर
जाने लगा.
अवसरवादी व्यवस्था
में उसके क्रांतिकारी विचार मंदिर की घंटियाँ बजाने लगे.
Subscribe to:
Posts (Atom)

























